लेखक- प्रो. अमित कुमार शर्मा, समाजशास्त्र विभाग, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली, रचनाकाल-2017 आधुनिक नास्तिकता अपनी हर ख़ूबी के बावजूद आधुनिकता नास्तिक जीवन दर्शन …
amitjnusociology@gmail.com
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Max Weber’s Selective Memory: War, Colonial Corruption and the Missing Foundations of European Modernity
By Amit Kumar Sharma, Professor of Sociology, Jawaharlal Nehru University, New Delhi Max Weber’s Selective Memory: War, Colonial Corruption and the Missing Foundations of …
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Max Weber as Politician, War Intellectual and Postwar Negotiator: A Critical Historiographical Reassessment
Max Weber as Politician, War Intellectual and Postwar Negotiator: A Critical Historiographical Reassessment The image of Max Weber as detached academic sage sitting above …
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लेखक- प्रो. अमित कुमार शर्मा, समाजशास्त्र विभाग, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली, रचनाकाल-2009 आतंकवाद मुंबई कांड 26/11/2008 के बाद जनता का नेताओं के प्रति …
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लेखक- प्रो. अमित कुमार शर्मा, समाजशास्त्र विभाग, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली, रचनाकाल- 2017 ‘आनंद’ (1970) हृशिकेष मुंखर्जी की फिल्म यह हिन्दी सिनेमा का …
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लेखक- प्रो. अमित कुमार शर्मा, समाजशास्त्र विभाग, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली, रचनाकाल-2016 छोटे बजट बनाम बड़े बजट की फिल्में: भविष्य एवं सामाजिक संदर्भ …
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Rethinking Max Weber : From Protestant Ethic to Juridical Civilization The tragedy of Max Weber in the twentieth century was not merely the selective …
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लेखक- प्रो. अमित कुमार शर्मा, समाजशास्त्र विभाग, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली, रचनाकाल-2016 स्वतंत्र भारत में युवा एवं हिन्दी सिनेमा युवा की परिभाषा और …
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(1) प्रस्तावना भारतीय हिन्दी सिनेमा को समझने से पहले भारत को एक देश और काल के रूप में समझना आवश्यक है। लोक, शास्त्र, नृत्य, गीत, …
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हिन्दी साहित्य में छायावाद का अंकुरण रीतिकालीन काव्य, निवृत्तिमार्गी भाव और सूफी शृंगार के साथ-साथ अंग्रेजी राज के पूँजीवादी उपभोक्तावाद के परिमार्जन की भूमिका …
